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Deepak Dogra
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  • शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में तेजी

    24.02.2015 | देश के प्रमुख शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.26 बजे 26.34 अंकों की तेजी के साथ 29,001.45 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 3.35 अंकों की तेजी केसाथ 8,758.30 पर कारोबार करते देखे गए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 41.44 अंकों की तेजी के साथ 29,016.55 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.95 अंकों की तेजी के साथ 8,772.90 पर खुला।

  • जम्मू एवं कश्मीर में शपथ लेंगे नवनिर्वाचित विधायक

    00.00.0000 | जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायक मंगलवार को शपथ लेंगे। उन्हें विधानसभा के अस्थाई अध्यक्ष मुहम्मद शफी शपथ दिलाएंगे, जिन्हें राज्यपाल पूर्व में शपथ दिला चुके हैं। शपथ-ग्रहण के बाद विधायक विधानसभा में अपने नए स्थाई अध्यक्ष का चयन करेंगे। विधानसभा के सचिव मुहम्मद रमजान ने संवाददाताओं को बताया, "राज्य विधानसभा के सभी 88 सदस्यों को मंगलवार को अस्थाई अध्यक्ष मुहम्मद शफी शपथ दिलाएंगे। विधानसभा का छह साल का कार्यकाल मंगलवार से शुरू होने जा रहा है। विधायकों का शपथ-ग्रहण समारोह विधानसभा परिसर में होगा।"जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा 23 दिसंबर, 2014 को की गई थी और 12वीं राज्य विधानसभा का गठन पहली जनवरी को हुआ था। लेकिन चूंकि यहां कोई भी राजनीतिक दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं था, इसलिए आठ जनवरी को यहां राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया, जिसके कारण नवनिर्वाचित विधायक शपथ नहीं ले पाए।जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा में 87 निर्वाचित और दो मनोनीत सदस्य हैं। शफी को राज्यपाल पहले ही शपथ दिला चुके हैं, जिसके बाद शपथ लेने वाले कुल सदस्यों की संख्या 88 रह जाती है। ये सदस्य शपथ-ग्रहण के बाद नए स्थाई विधानसभा अध्यक्ष का चयन करेंगे।राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) गठबंधन की सरकार है। दोनों पार्टियों के बीच हुए समझौते के मुताबिक भाजपा के कवींद्र गुप्ता का विधानसभा अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है।

  • भूमि अधिग्रहण विधेयक के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस

    00.00.0000 | भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को सड़क पर उतर आए। इस दौरान पार्टी के 500 से अधिक कार्यकर्ताओं को संसद की तरफ जाने के दौरान बैरिकेड तोड़ने के कारण हिरासत में ले लिया गया। सांसद आनंद शर्मा, अंबिका सोनी, अहमद पटेल, ऑस्कर फर्नाडीज, गुलाम नबी आजाद एवं पार्टी के अन्य नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस के युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विधेयक और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संसद की तरफ जुलूस निकाला।पुलिस ने बताया कि संसद मार्ग पर करीब 4,000 प्रदर्शनकारी थे। यह भीड़ उग्र हो गई और उन्होंने बैरिकेड तोड़ दी।कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए और उन्होंने पार्टी का झंडा लहराया। वे नारेबाजी भी कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने पानी की बौछारें की और लाठियां भांजी, जबकि कुछ को हिरासत में ले लिया गया।कांग्रेस के युवा मोर्चा अध्यक्ष अमरिदर सिंह सहित 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं।अंबिका सोनी ने कहा, "प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने बेहद कठोर रवैया अपनाया। इस दौरान कम से कम पांच से छह लोग घायल हो गए, जो बिल्कुल गलत है।"कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बाद में कहा कि लाठी चार्ज में 50 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरिदर सिंह ने कहा कि पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और पानी की बौछार करने के दौरान उनके दाएं हाथ में चोट लगी।पार्टी नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "भाजपा, कांग्रेस विरोधी है और इसके रुख का पर्दाफाश हो गया है। कांग्रेस और किसान ये लड़ाई जीतेंगे।"कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, "भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी बन गई है। उन्हें किसानों के हितों की बिल्कुल भी चिंता नहीं है।"कांग्रेस के युवा नेता सचिन पायलट ने कहा, "भाजपा वही पार्टी है जिसने भूमि अधिग्रहण विधेयक में संशोधन के प्रस्ताव किए थे, लेकिन अब वही भाजपा इसका (संशोधनों का) विरोध कर रही है।"गौरतलब है कि लोकसभा में राजग के बहुमत में होने के कारण यह विवादित विधेयक आसानी से पारित हो गया, लेकिन राज्यसभा में इसे विपक्ष के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।अमरिदर सिंह ने कहा, "हम शांतिपूर्ण ढंग से संसद में प्रदर्शन करने जा रहे थे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने हमें रोका और हमपर पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।"उन्होंने कहा, "हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भूमि अधिग्रहण विधेयक के खिलाफ हैं। जब भाजपा विपक्ष में थी, तब उसने कहा था कि वह एक ऐसे भूमि विधेयक को मंजूरी देंगे, जो किसानों के पक्ष में हो, लेकिन वे इसके खिलाफ काम कर रहे हैं।"वहीं, अहमद पटेल ने कहा, "पुलिस ने हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ हिंसक रुख अख्तियार किया है। वे किसानों के पक्ष में प्रदर्शन कर रहे थे।"उन्होंने कहा, "हम इस प्रदर्शन को रोकने नहीं जा रहे। यह प्रदर्शन पूरे देश में होगा।"कांग्रेस नेताओं अहमद पटेल, अंबिका सोनी, फर्नाडीज तथा कुमारी शैलजा संसद मार्ग थाना पहुंचे, जहां उन्होंने हिरासत में लिए गए युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। बाद में पुलिस ने सबको छोड़ दिया।कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि मुद्दे पर चर्चा के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और कुछ नेता मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करेंगे।

  • भूमि विधेयक के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा विपक्ष

    00.00.0000 | केंद्र सरकार के विवादित भूमि अधिग्रहण विधेयक के खिलाफ लगभग सभी विपक्षी दलों ने विरोधी सुर अख्तियार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च किया और विधेयक को 'किसान विरोधी' बताते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से इस पर सरकार का साथ न देने का अनुरोध किया। पैदल मार्च में शामिल जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने कहा, "यह आर-पार की लड़ाई है।"राष्ट्रपति भवन पहुंचकर शरद यादव ने कहा, "यह एक बड़े युद्ध की शुरुआत है, जिसे देश के कोने-कोने में फैलाया जाएगा।"भूमि अधिग्रहण विधेयक के विरोध में राष्ट्रपति भवन तक 14 विपक्षी दलों द्वारा निकाले गए पैदल मार्च का नेतृत्व करने के बाद कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को कहा कि पूरा विपक्ष सरकार द्वारा लाए गए विवादित भूमि अधिग्रहण विधेयक को निरस्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।पूर्व प्रधानमंत्री के साथ पैदल मार्च कर राष्ट्रपति भवन पहुंचने के बाद सोनिया ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से सरकार के भूमि विधेयक का साथ न देने की अपील की है, क्योंकि यह विधेयक किसानों के हितों के खिलाफ है।सोनिया ने कहा, "लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष एवं अग्रगामी ताकतें नरेंद्र मोदी सरकार की रणनीति को ध्वस्त करने के प्रति कटिबद्ध हैं।"सोनिया के नेतृत्व में विपक्षी दलों के करीब 100 सांसदों ने 'नरेंद्र मोदी होश में आओ' तथा 'मोदी सरकार हाय हाय' के नारे लगाते हुए संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक लगभग एक किलोमीटर पैदल मार्च निकाला।सोनिया की अगुवाई में 14 राजनीतिक दलों ने इस पैदल मार्च में हिस्सा लिया, जिसमें समाजवादी पार्टी (सपा), जनता दल (युनाइटेड), जनता दल (सेकुलर), डीएमके, कम्युनिस्ट पार्टियां, तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सदस्य शामिल थे।शरद यादव ने कहा कि आज (मंगलवार) के पैदल मार्च ने सभी विपक्षी दलों को एकजुट कर दिया है, जो लोकसभा चुनाव के बाद बिखर गया था।शरद यादव ने कहा, "यह किसानों का देश है। किसानों ने ही इस देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाया है। उनसे उनकी जमीनें छीनना पाप है।"विपक्षी दलों के सांसद संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए और राष्ट्रपति भवन की ओर पैदल मार्च शुरू किया। मार्च के दौरान सांसद 'किसानो विरोधी, नरेंद्र मोदी' के नारे लगा रहे थे।तृणमूल नेता डेरेक ओब्रायन ने पत्रकारों से कहा, "यह एक ऐतिहासिक मार्च है। सभी विपक्षी दल एकजुट हैं और हमें उम्मीद है कि मोदी सरकार इस मार्च को देख रही होगी।"विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति को भूमि अधिग्रहण, पुनस्र्थापन एवं पुनर्वास संशोधन विधेयक-2015 में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता के अधिकार के खिलाफ 28 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक ज्ञापन सौंपा।

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